हर माँ का रहस्य होता है
हर कुंती का एक करण  होता है
कभी वो उसकी पहली संतान होती है
या फिर सबसे होनहार औलाद होती है
माँ का वो बच्चा जो सबसे सच्चा होता है
वही उस कुंती का करण होता है
उस से भीक मांग कर माँ अपने
दूसरे बच्चो का जीवन संवारती है
करण माँ के प्यार का भूखा होता है
और उस ममता के लालच में
अपना कवच भी त्याग देता है
उसके भाइयों को मिले राज्य
ये कुंती की इच्छा होती है
उन के लिए करण हमेशा कुर्बान होता है
माँ ने माँगा तो जान भी देगा
फिर धन क्या परिवार क्या
प्राण त्यागने को जो हो तैयार
वो ही पांडवों का मदतगार होता है
हर माँ के अंदर की कुंती
ये जान कर भिक्षा मांगती है
करण मेरे अर्जुन को बचा ले
ये उसके जनम पर ही तै कर लेती है
 

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